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माँ

"क्या सीरत क्या सूरत है वो तो ममता की मूरत है पाँव छुए और काम हो गया माँ खुद में शुभ  मुहूर्त है!" Happy Mother's Day माँ पर कुछ लिख पाना सम्भव नहीं है,लेकिन अपनी भावनाओ को चंद पंक्तियों में बया करने की कोशिश की है।........  "माँ " में कैसे कहु माँ क्या होती है,           ईश्वर  का ही कोई रूप माँ होती है।                      मेरे आँसुओ को जो आँचल से पोछ देती है,                                    मेरी तुतलाती जुबा के हर शब्द को माँ थाम लेती है ।                                                                           में कैसे कहु माँ क्या होती है.......        ...

याद

याद  याद आ रही है आज उनकी बहुत , उनको भी आ रही होगी याद हमारी बहुत। ये मौसम ही कुछ मदहोश कर रहा है,     इस बारिश में आज भीगने को जी कर रहा है। ये ठंडी हवाए जुल्फों को मेरी उड़ाए, नजरे बस उनको ही ढूंढना चाहे। बिन गीत और साज के ये पायल क्यों  दे झंकार चुडियो की खन खन क्यों उनका ही नाम ले। जो हाल इस दिल का है वो हाल उनका भी होगा, सपना कोई नया आखो में उनकी भी सज रहा होगा। Shobhna Vyas (सोहा)
BABUL बाबुल तेरा आँगन छुटा , मुजसे मेरा बचपन रूठा । तेरे आँगन में खेली में , तेरी ऊँगली थाम चली में । तूने मुझ्को हँसना सिखाया , अच्छे बुरे में   फर्क बताया | तेरे आंगन में नित नए सपने देखे , तेरे कंधो पर बैठ कर देख लिया जहाँ सारा। तेरा आँगन छुटा तो सपने सारे छुट गए , वो रुठने मनाने के बहाने सारे रूठ गए।   तूने ही तो बतलाया था में फुलवारी तेरे आँगन की , मुजसे ही   रौनक है तेर घर आँगन की। फीर बाबुल क्यों तूने मुझे नए आँगन में भेज दिया , और भीगी पलकों से तुमने मुझ्को बोल दिया। प्यारी बिटिया रानी मेरी ये अंगना तुज बिन बहुत अधूरा है , पर जिस आँगन में जाये तू वो तेरा अपना है। अपना सारा बचपन , वो तेरे नादानियां फिर देखने लगेगी तू। उस आँगन में अपने बच्चों को खेलता देख , फिर बाबुल का वो आँगन याद करने लगेगी तू।                    ...
BACHPAN मन चंचल और रूप है प्यारा,  बचपन का हर अंदाज निराला । मन में छुपी कई शैतानी,  बंद मुठी से पकडे पानी ।  दिल में रखते अरमान कई , आसमान को छुने के।  धरती पर तारो को लाके , उनके साथ है खेलने के । ना कोई चिंता ना है फिकर,  मन पतंग सा उड़ता बेखबर । कितनी उमंगे कितना है काम, फिर भी हर कोई कहता है नादान। नई सुबह फिर नए है सपने, बचपन का बस यही है काम। SHOBHNA VYAS
Ankahe Alfaj Hello Friend's me shobhna vyas aapke liye lekar aaye hu kuch Ankahe Alfaj. Vo alfaj jo aapka dil chu lenge, dil ki vo baat jo aap labjo se nahi kah sakte |Ase he kuch kavitayen me lakar aaye hu aapke liye . To dosto dailly padhe mera Blog Ankahe Alfaj.