दोस्तों लो आज फिर नया अफ़साना ले आए,अपनी कलम से आज दर्द का फ़साना लिख लाये………….. दर्द यु न देखो मुझे की में टुट जाऊंगा , आज जो बिखरा तो फिर सिमट न पाउँगा । कहने को तो साथ चलती हे ये हवाए भी , पर इस राह पर तो साया भी साथ छोड़ जायेगा । क्या पाया हमने और क्या खो दिया कोई न समज़ पायेगा , टुटा है दिल ऐसे की फिर जुड़ न पायेगा। पूछते हो दिल का हाल मेरे, में कैसे ये बतलाऊंगा , दर्द देकर भी अनजान है जो में, उनका नाम कैसे कह पाउँगा। Sho...
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