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आज के समय में आरक्षण एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिसकी चारो और चर्चा है,तो दोस्तों उसी आरक्षण रूपी समस्या को लेकर मेने भी चंद लाइन लिखी है इसी उम्मीद   के साथ की शायद आप भी इससे सहमत हों। आरक्षण आरक्षण के   कीड़े ने कर दिया है देश को खोखला , पढ़ा लिखा बेकार खड़ा और अनपढ़ करे ढकोसला। सामान्य की श्रेणी में जो भी युवा आए , जी तोड़ करे वो मेहनत और आगे बढ़ना चाहे। ना रहम ना भीख यारो वो किसी से चाहे , फिर भी उसके हिस्से का पद उसको न मिल पाए। में ये नहीं कहता की सामान्य वर्ग को अधिकार मिले , पर जिसकी जैसी योग्यता वैसा उसको अवसर मिले। आरक्षण की बेड़ी को क्यों पैरो में हम डाल चले , जब रहना ही पीछे तो इतना क्यों हम पड़े लिखे । बहुत हो गया आरक्षण का वार अब , देश की प्रगति को कब तक रोकेंगे हम सब। आओ मिल कर खतम करे देश की इस समस्या को अब , हर कंधो पर एक समान हो देश की भागेदारी अब। आरक्षण के   कीड़े ने कर दिया   है  देश को खोखला ...
BABUL बाबुल तेरा आँगन छुटा , मुजसे मेरा बचपन रूठा । तेरे आँगन में खेली में , तेरी ऊँगली थाम चली में । तूने मुझ्को हँसना सिखाया , अच्छे बुरे में   फर्क बताया | तेरे आंगन में नित नए सपने देखे , तेरे कंधो पर बैठ कर देख लिया जहाँ सारा। तेरा आँगन छुटा तो सपने सारे छुट गए , वो रुठने मनाने के बहाने सारे रूठ गए।   तूने ही तो बतलाया था में फुलवारी तेरे आँगन की , मुजसे ही   रौनक है तेर घर आँगन की। फीर बाबुल क्यों तूने मुझे नए आँगन में भेज दिया , और भीगी पलकों से तुमने मुझ्को बोल दिया। प्यारी बिटिया रानी मेरी ये अंगना तुज बिन बहुत अधूरा है , पर जिस आँगन में जाये तू वो तेरा अपना है। अपना सारा बचपन , वो तेरे नादानियां फिर देखने लगेगी तू। उस आँगन में अपने बच्चों को खेलता देख , फिर बाबुल का वो आँगन याद करने लगेगी तू।                    ...
BACHPAN मन चंचल और रूप है प्यारा,  बचपन का हर अंदाज निराला । मन में छुपी कई शैतानी,  बंद मुठी से पकडे पानी ।  दिल में रखते अरमान कई , आसमान को छुने के।  धरती पर तारो को लाके , उनके साथ है खेलने के । ना कोई चिंता ना है फिकर,  मन पतंग सा उड़ता बेखबर । कितनी उमंगे कितना है काम, फिर भी हर कोई कहता है नादान। नई सुबह फिर नए है सपने, बचपन का बस यही है काम। SHOBHNA VYAS
Ankahe Alfaj Hello Friend's me shobhna vyas aapke liye lekar aaye hu kuch Ankahe Alfaj. Vo alfaj jo aapka dil chu lenge, dil ki vo baat jo aap labjo se nahi kah sakte |Ase he kuch kavitayen me lakar aaye hu aapke liye . To dosto dailly padhe mera Blog Ankahe Alfaj.